Wednesday, 29 March 2023

सिंधु घाटी की खोज कब हुआ ?



सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है। यह सभ्यता बहुत समृद्ध थी और अपनी विस्तृत व्यापकता के लिए जानी जाती थी। यह सभ्यता वर्तमान भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के इलाकों में फैली थी।

सिंधु घाटी की खोज का पता लगाना 1920 के दशक में शुरू हुआ था। जॉन मार्शल, ब्रिटिश विद्वान और उत्तर पश्चिमी भारत के अध्ययन के लिए लोकप्रिय होने वाले विद्वानों में से एक थे। उन्होंने सिंधु घाटी के कुछ स्थानों पर खोज की और वहां पाए गए खंडहरों को देखा। 1921 में, उन्होंने हरप्पा नगरी की खोज की और उसके बाद उन्होंने सिंधु घाटी सभ्यता का वर्गीकरण किया।

सिंधु घाटी सभ्यता को पहली बार 1931 में मोहनजोदड़ो नामक स्थान से संबोधित किया गया था। यह स्थान बहुत ही पुराने खंडहरों से भरा हुआ था और इससे सभ्यता के लक्षणों के बारे में अधिक जानकारी मिली।

सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया के सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है जिसने अपने समय में विश्व के अन्य सभ्यताओं से बहुत आगे था। इस सभ्यता को खोजने में कई विश्वविद्यालय और धरोहर विभागों का सहयोग मिला है।



सिंधु घाटी सभ्यता की खोज का पता लगाना 1920 के दशक में शुरू हुआ था। उस समय, ब्रिटिश विद्वान जॉन मार्शल ने एक महत्वपूर्ण खोज की थी जो भारत में हुई थी। उन्होंने हरप्पा नगरी की खोज की और उसके बाद उन्होंने सिंधु घाटी सभ्यता का वर्गीकरण किया। मार्शल ने भारत में बहुत सारी जगहों पर अपनी खोज की, जिससे उन्हें सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थलों का पता चला।

सिंधु घाटी सभ्यता को पहली बार 1931 में मोहनजोदड़ो नामक स्थान से संबोधित किया गया था। इस स्थान पर मार्शल ने बहुत सारे विषयों के आधार पर खोज की थी और उस समय वे सिंधु घाटी सभ्यता का पता चलाने में सफल रहे। वे इस स्थान पर अनेक उपकरणों, नक्शों, सिक्कों etc..

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